गम-ए-जिंदगी
किसी ने गालिब से पूछा कैसे हो? गालिब ने हँसकर जवाब दिया "जिंदगी में गम है, गम में दर्द है, दर्द में मज्जा है, मज्जे में हाम" गालिब ने क्या खुब कहाँ हैं कि, हमे सदैव हँसते रहना चाहिए , हर एक जीवन में दुःख हैं,दुनिया में ऐसा कौन हैं? जिसने कभी दुःख नहीं देखा होगा। हँसते हुए हम सुख भोगते है, किन्तु थोडेसे दुःख में हम डरने लगते हैं। जिंदगी हर गम हँसना सिखो, और देखो जनाब सुख औरा दुख में भेद न होगा। धन्यवाद !!!
प्रथमpost हैं लेखन में ञ्रुटियां हैं
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